बादामी चुत की निकली मलाई

नमस्कार दोस्तों,

आज मैं आपको अपनी मामी की बड़ी बेटी के साथ चुदाई के बारे में बताने जा रहा हूँ | क्चुह समय पहले तक मेरी मामी की दोनों बेटी किसी दूसरे नगर में रहा करती थी | पर हाल ही में वो हमारे नगर निवासी बन चुके थे जिससे हम सब में करीबी आ चुकी थी | मामी की बड़ी बेटी सिलिका के साथ मेरी खूब जमती थी और वो दिखने में भी किसी हसीना से कम नहीं थी | उसके गले से नीचले और चुचों के उप्पर छाती के गोरे चमड़ी को देखकर मैं उसकी गोरी चिकनी चुत का अंदाजा लगा बैठा तह और उसी को चोदने के सपने देखकर अपने लंड की ज़ोरों से मुठी मारा करता था | मुझे उसके साथ अपने सभी काम वासनिक सपनो को पूरा करने में समय नहीं लगा |

दोस्तों मुझे बस एक मौका चाहिए था जब मैं उसे उत्तजित कर सकूँ और उसके बाद तो मुझे पात था की वो अपने बदन को मेरे तन के उप्पर निढाल छोड़ने से खुद को भी नहीं रोक पाएगी | मैं एक दिन जब उसके घर गया था और मेरी मामा और मामी दोनों ही घर पर नहीं थे जोकि मेरे लिए अच्छा मौका था | अब मैंने सिलिका से बात करते हुए अपने मोबाईल में मस्त वाली देसी कामुक फिल्में दिखाने लगा जिसपर अब वो भी देखकर गरम होती चली गयी | अब अब जब सिलिका धीरे – धीरे उत्तेजित हो चली तो हलके – हलके उसकी जाँघों को छूटे हुए अपनी उँगलियों से उसकी चुत को उप्पर खुजाने लगा | सिलिका भी अपने मन को रोक ना पाई और मेरे लंड के उभार को महसूस करने लगी और फिर पानी हथेली में दबाने लगी जैसी के फिल्म वाली रांड की लंड को मसलते हुए मज़े ले रही थी |

मैंने अब कुछ ना सोचते हुए पल में सिलिका के होंठों को लगते हुए चूसने लगा | मैंने अब हम दोनों की एक दूसरे के सामने कतई नंगा कर डाल और दोनों एक दूसरे के गुप अंगों को मज़े ले रहे थे | मैं सिलिका के चुचों को मसलने लगा फिर उसकी गुलाबी बादामी चुत को सहलाते हुए अपने ताने हुए लंड को निकाल उसकी नंगी चुत के उप्पर रगड़ने लगा | मैंने लंड को उसकी चुत पर टिकाते हुए जोर का धक्का मारा जिससे मेरे लंड एक बार में ही उसकी चुत में आगे – पीछे होने लगा और मेरे मुंह से भी हवस की कामुक सीत्कार निकलने से ना चूकी | मैंने अब ज़ोरों का धक्का पलते हुए उसे चोदना शुर कर दिया जिसपर वो गहरी सिसकियाँ भरने लगी |

इतनी देर घड़ी की चुदाई के दौराम उसकी चुत का पानी भी निकला जिसपर मेरा लंड आराम से उसकी चुत में चिकनाई में फिसलता हुआ अंदर जाने लगा | मैंने उसके कमर को थामकर अपने लंड के धक्के उसकी बादामी चुत में दिए जा रहा था | वो भी अपनी अंतिम सीमा में पहुंचकर चिल्लाती हुई अपनी गांड को गहरी चुदाई के लिए बार – बार उचका रही थी | मैं कभी - कभी उसके गांड में लंड को टेढा कर डालता जिससे उसकी हालत देखें लायक हो गयी थी | बात इतनी आगे बढ़ चुकी थी की हम दोनों ने अपने कामरस को छोड़ डाला जिसके बाद मैं उसकी बादामी चुत की मलाई को चहकने के लिए मजबूर सा हो चला |