तेलुगु कुतिया बड़ी रसीली

नमस्कार दोस्तों,

आज मैं आपको तेलुगु अम्मा की चुदाई के बारे में अब्दी ही मस्तानी और कामुक कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसे आप पक्का ही खूब पसंद करेंगे क्यूंकि आखिर उस तेलुगु अम्मा कि चुत में लंड जो मेरा था | दोस्तों वो अम्मा बस कहने की ही थी पर एक दम जवान दिखती थी और मोटी गांड की हकदार थी | वो चाहे तो मुझे जैसे ५ बन्दों के लंड को एक साथ अपनी चुत में पिलवाती हुई राहत पहुंचा सकती थी जिसका पता मुझे उसकी छुई करते वक्त ही पता चला | दरसल दोस्तों बात यूँ ही की वो मेरी कॉलोनी में आफिस में काम किया करती थी जिसका मैं मुझे कुछ दिनों के लिए मालिक बनाया हुआ था | मैं हमेशा से ह उसके बदन पर अपने अपनी निहाओं को टंगाये रखता था जिसकी खबर उसे भी थी | मैं अकेले में जानबूझ कर उससे कामुक बातों में जवाबा दिया करता था जिसपर वो हंसकर ताल दिया करती |

अब मैं तो उसके साथ सेक्सी मजाक भी करने लगा | एक दिन उसने मेरे बटवे १००० रुपैये निकाल लिए जिसपर जब मैंने उससे वापस मांगे तो वो नखरे मारने लगी | मैंने बोला की मुझे उसके बदले क्या मिल सकता है . . जिसपर उसने अपना पल्लू हटा दिया | मुझे अब खुला न्योता मिल चूका था और मैंने फ़ौरन ही उस तेलुगु अम्मा को अपनी झटके से अपनी बाहों में गिरा लिया | मैंने अब उसके रसीले होंठों को चूमना शुरू कर दिए और कुछ पल में ही उसके अपनी बाहों में भरकर उसके होठों को चूसते हुए उसके चुचों को मसलने लगा | वो मुझसे किस भी हाल में अब चुदना ही चाहती थी इसीलिए उसने भी अपने ब्लाउज को उतार अपने पेटीकोट को नीचे गिरा दिया | मैंने उसकी पैंटी भी लगे हाथों उतार दी तो अब कुछ पल में ही मेरे वो अम्मा मेरे सामने नंगी हो गयी थी | मैं अब अपनी उँगलियों से उसकी चिकनी चुत को रगड़ने लगा जिसपर वो तडपती हुई नीचे से मेरे लंड को मसलने लगी |

मैंने कुछ देर के लिए अब अपने लंड को उसके मुंह के लिए छोड़ दिया जिसे उसने १५ मिनट तक लाजवाब तरीके से अपनी चुत की चुदाई के तैयार कर लिया | मैंने अब अपने लंड अम्मा की चुत के मुहाने में दे मारा और एक बार में झटके देते हुए लंड को उसकी चुत में घुसा दिया | मैंने चुदाई के झटकों की रफ़्तार को उप्पर बढाते हुए उसकी चुत को कस - कास के कुत्ते की तरह पेलना शुरू कर दिया | अम्मा अब अपनी सिस्कारों को अपनी ही भाषा में आह्हाह्ह आरी पुका. . . अयिदाम्म्मा .. . करके ब्यान कर रही थी | मरे लंड के इतने तेज़ी के धक्कों से अम्मा की चुत का पानी भी निकला और वो मेरे सामने वहीँ अपनी गांड को दिखाते हुए तेलुगु कुतिया बन गयी |

अब मेरे सामने उसकी मोई काली गांड थी और एक कसा हुआ गांड का छेद था जिसकी चुदाई अब मुझे करनी थी | मैं पहले उसकी गांड को चाटने लगा और फिर अचनक से उसकी गांड के छेद पर सुपाडे को सटाते हुए कसके झटका दिया | मेरा लंड एक बार में उसकी गांड को चुस्ता हुआ घुस गया और साथ ही अब मैंने अपने लंड को तेज़ी से घुसाते हुए अंदर – बाहर करने लगा जिससे अम्मा के होश उड़ चुके थे | मैंने बा तेलुगु कुतिया की गांड को २० मिनट तक चोद जिससे उसकी गांड २ अलग भागों में बाँट चुकी थी और फिर उसके मुंह में अपने लंड को देते हुए ही झडा | जब मैं ऑफिस का मालिक रहा मैंने हर रोज आम्मा की गांड मारी और रसीली चुत के रस को पिया |